महराजगंज। जिले की नौतनवा तहसील में आयोजित जनसुनवाई केंद्र पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पूर्ति निरीक्षक और एक अधिवक्ता के बीच कहासुनी हाथापाई में बदल गई। यह पूरी घटना एसडीएम की मौजूदगी में हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह जनसुनवाई केंद्र ESIR से जुड़े नो-मैपिंग मतदाताओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए तहसील सभागार में लगाया गया था। इसी दौरान अधिवक्ता राजकुमार अपने मुवक्किल के साथ आवश्यक दस्तावेज लेकर पहुंचे थे। किसी बात को लेकर उनकी पूर्ति निरीक्षक हर्षवर्धन श्रीवास्तव से बहस हो गई।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच धक्का-मुक्की के बाद हाथापाई शुरू हो गई। वायरल वीडियो में अधिवक्ता को पूर्ति निरीक्षक पर मुक्का चलाने का प्रयास करते देखा जा सकता है, जबकि पूर्ति निरीक्षक स्वयं को बचाते नजर आ रहे हैं। मौके पर मौजूद एसडीएम और अन्य अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।
घटना के बाद अधिवक्ता राजकुमार ने आरोप लगाया कि पूर्ति निरीक्षक ने उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, जिससे वे आक्रोशित हो गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। वहीं, पूर्ति निरीक्षक हर्षवर्धन श्रीवास्तव ने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा कि अधिवक्ता उन पर कुछ लोगों का काम प्राथमिकता से करने का दबाव बना रहे थे। इनकार करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उन पर हमला किया गया।
घटना के बाद दोनों पक्ष नौतनवा थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की शिकायत के आधार पर अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।

