गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को 72.78 करोड़ रुपये की लागत से बने क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्ष जुलाई में तीन नए कानून लागू किए गए हैं – भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कानूनों का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पीड़ित को समय पर न्याय सुनिश्चित करना है। अब सात वर्ष से अधिक की सजा वाले अपराधों में अनिवार्य रूप से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाना होगा। इससे पहले अक्सर अपराधी साक्ष्यों के अभाव में बच जाते थे।
उन्होंने बताया कि 2017 में प्रदेश में केवल 4 फॉरेंसिक लैब थीं। अब पिछले 8 वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है, और सूबे के 18 कमिश्नरी क्षेत्रों में लैब बनाई जाएंगी। 6 कमिश्नरी में लैब का काम पहले ही संचालित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लैब्स के माध्यम से अपराध के खिलाफ सटीक और समय पर साक्ष्य जुटाए जाएंगे। हर जिले में मोबाइल फॉरेंसिक वैन भी तैनात की गई हैं। अब अपराध होने पर पीड़ित को भटकने की जरूरत नहीं होगी। अपराधी कुछ घंटों के भीतर पकड़ में आ जाएंगे। साथ ही, फॉरेंसिक क्षेत्र युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर भी प्रदान करेगा।

