नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) और वामपंथी छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाने के लिए विशेष रूप से तैयार जालीदार बसों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन बसों का उद्देश्य हिरासत में लिए गए लोगों को सुरक्षित तरीके से ले जाना और बसों से भागने या उनमें तोड़फोड़ की आशंका को कम करना था। हालांकि, अधिकारियों के हवाले से यह भी बताया गया कि इन बसों के इस्तेमाल से हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों का बाहर मौजूद मीडिया से सीधे बातचीत करना मुश्किल हो गया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़प का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक सुरक्षाकर्मी एक युवा प्रदर्शनकारी का पैर पकड़कर उसे सड़क पर घसीटते हुए हटाने की कोशिश करता दिखाई देता है। इस दौरान दूसरा प्रदर्शनकारी अपने साथी को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट जाता है। इसके बाद एक पुलिसकर्मी उसे शर्ट पकड़कर पीछे खींचता नजर आता है। कुछ ही देर में अन्य प्रदर्शनकारी भी अपने साथियों की मदद के लिए पहुंचते हैं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान जारी रहती है।
घटना के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान पुलिस की कार्रवाई और जालीदार बसों के इस्तेमाल ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ हिरासत में लिए गए लोगों के अधिकारों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

