नई दिल्ली। राजधानी के कई इलाकों में समय पर बुकिंग करने के बावजूद उपभोक्ताओं तक सिलिंडर नहीं पहुंच रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नजफगढ, उत्तम नगर, विवेक विहार, लक्ष्मी नगर, शाहदरा, मयूर विहार, संगम विहार, बदरपुर और कालकाजी समेत अधिकतर इलाकों में सुबह से ही एजेंसियों के बाहर भीड़ देखी जा रही है।
उपभोक्ताओं के अनुसार, बुकिंग के समय बताई जा रही डिलीवरी की तारीख पर सिलिंडर नहीं मिलता है। राजघाट और आरके पुरम की गैस एजेंसियों के साथ अधिकतर एजेंसियों के संचालकों का कहना है कि राजधानी में सिलिंडर की कमी नहीं है। ज्यादातर उपभोक्ताओं को समय पर सिलिंडर दिया जा रहा है। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट या तकनीकी कारणों से देरी हो सकती है। संचालकों का कहना है कि सप्लाई सामान्य है। अनावश्यक रूप से इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि असली समस्या डिलीवरी व्यवस्था में है। कई बार डिलीवरी कर्मी फोन करके आने की बात कहते हैं, लेकिन बाद में सिलिंडर नहीं पहुंचता।
डिलीवरी सिस्टम पर उठ रहे सवालमयूर विहार निवासी प्रवीण ने बताया कि अगर समय पर सही जानकारी मिल जाए तो परेशानी काफी कम हो सकती है। आरके पुरम, विवेक विहार, कालकाजी, उत्तम नगर, पंजाबी बाग, मुनिरका, लक्ष्मी नगर और मयूर विहार समेत कई इलाकों से सिलिंडर डिलीवरी में देरी की शिकायतें मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि बुकिंग के 10 से 15 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा।
होटल और रेस्तरां की थमी रफ्तारराजधानी में कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की कमी ने होटल और रेस्तरां उद्योग की रफ्तार को थाम दिया है। करोल बाग, लक्ष्मी नगर, मयूर विहार, कश्मीरी गेट, मोती बाग, आरके पुरम, पहाड़गंज और द्वारका स्थित कई होटल और रेस्तरां गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं। होटल संचालकों के अनुसार, पहले जितनी मात्रा में गैस मिलती थी, अब उसकी आधी भी आपूर्ति नहीं हो रही है। कई जगह खाने-पीने की चीजों में कटौती की जा रही है। आरकेपुरम स्थित एक निजी ढाबे के मालिक रमेश ने बताया कि पहले जहां दिनभर खाना तैयार होता था, अब या तो दोपहर या फिर रात की शिफ्ट में ही ढाबा चलाया जा रहा है। पूरे दिन ढाबा खोलना मुश्किल हो गया है।

