महराजगंज। ऐतिहासिक एवं विश्वप्रसिद्ध रामग्राम स्तूप के द्वितीय चरण के उत्खनन की तैयारियां तेज हो गई हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की उच्चस्तरीय विशेषज्ञ टीम ने स्थल का विस्तृत प्राथमिक सर्वेक्षण कर आगामी उत्खनन की रूपरेखा तैयार कर ली है। अधीक्षण पुरातत्वविद् राजेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने रामग्राम स्तूप परिसर का गहन निरीक्षण किया। टीम ने प्रथम चरण की खुदाई वाले क्षेत्रों का बारीकी से अध्ययन करते हुए दूसरे चरण के लिए संभावित स्थानों का आकलन किया।एएसआई ने द्वितीय चरण के उत्खनन के लिए 50×50 मीटर क्षेत्र को चिन्हित किया है। इस क्षेत्र में मुख्य टीले के साथ-साथ आसपास स्थित छोटे-छोटे टीलों को भी शामिल किया गया है, जहां ऐतिहासिक अवशेष मिलने की संभावना जताई जा रही है।सर्वेक्षण का उद्देश्य उत्खनन स्थल की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करना, खुदाई की सटीक सीमा निर्धारित करना तथा वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन की दिशा तय करना था। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण पुरातत्वविद् ने टीम के अन्य विशेषज्ञों को आवश्यक तकनीकी दिशा-निर्देश भी दिए।स्थल निरीक्षण से पहले एएसआई की टीम ने जिलाधिकारी श्री गौरव सिंह सोगरवाल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान अधीक्षण पुरातत्वविद् राजेंद्र कुमार यादव ने प्रथम चरण के उत्खनन से प्राप्त महत्वपूर्ण ऐतिहासिक साक्ष्यों एवं निष्कर्षों की जानकारी दी तथा द्वितीय चरण की प्रस्तावित कार्ययोजना से अवगत कराया। उन्होंने उत्खनन कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन से आवश्यक सहयोग का अनुरोध भी किया।जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने एएसआई की टीम को हरसंभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाते हुए निर्देश दिए कि द्वितीय चरण का उत्खनन शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। इस पर अधीक्षण पुरातत्वविद् ने आश्वस्त किया कि सर्दियों की शुरुआत होते ही नियमानुसार उत्खनन कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला सूचना अधिकारी को संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर एएसआई को आवश्यक सुविधाएं एवं सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।इस सर्वेक्षण दल में उप अधीक्षण पुरातत्व अभियंता दिलीप कुमार, सहायक अधीक्षण पुरातत्व अभियंता पंकज तिवारी, सहायक अभियंता अखिलेश तिवारी तथा सर्वेक्षक राम नरेश यादव शामिल रहे।
रामग्राम स्तूप के द्वितीय चरण के उत्खनन की तैयारी तेज, एएसआई ने 50×50 मीटर क्षेत्र किया चिन्हित

